सतना में बाबा मेहर शाह दरबार के भव्य उद्घाटन समारोह में आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने राष्ट्रभक्ति, स्व-बोध और भारतीयता पर प्रेरक विचार रखे। उन्होंने कहा कि ‘स्व’ का भाव ही हमें सच्चा राष्ट्रभक्त बनाएगा। विविधता में एकता, भाषा और संस्कृति के संरक्षण को उन्होंने भारत की असली शक्ति बताया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर सतना पहुंचे। उन्होंने पतौरा में प्रांत प्रचारक बृजकांत चतुर्वेदी के निवास पर भोजन कर आत्मीय भेंट की, फिर उतैली स्थित सरस्वती आवासीय विद्यापीठ में संघ विस्तारक वर्ग को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों, सामाजिक समरसता, गृह संपर्क और राष्ट्रभक्ति पर केंद्रित कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की।














